किसान क्रेडिट कार्ड

भारतीय किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय साधन 'किसान क्रेडिट कार्ड' (KCC) योजना अगस्त 1998 में नाबार्ड द्वारा आर.वी. गुप्ता समिति की सिफारिशों पर शुरू की गई, जो फसल उपज, उपकरण खरीदने और अन्य कृषि कार्यों के लिए ऋण प्रदान करती है। यह योजना सभी वाणिज्यिक, क्षेत्रीय ग्रामीण तथा राज्य सहकारी बैंकों के माध्यम से अल्पकालिक नकद ऋण (कार्यशील पूंजी) और सावधि ऋण (मवेशी, पंप सेट, भूमि विकास) दोनों उपलब्ध कराती है। इस कार्ड में व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा भी शामिल है, जिसमें मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर ₹50,000 तक का कवर दिया जाता है, तथा इसकी वैधता अवधि 5 वर्ष है जिसे 3 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2023 तक देश में 7.35 करोड़ KCC खाते खोले गए हैं, जिनमें 8.85 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। इस योजना का लाभ और अधिक किसानों तक पहुँचाने के लिए सरकार वर्तमान में घर-घर अभियान भी चला रही है।