पुर्तगाली भारत
भारत में पुर्तगाली उपनिवेश की शुरुआत 1505 में हुई, जब फ्रांसेस्को डी अल्मेडा कोच्चि में पहले पुर्तगाली वाइसराय बने, और 1510 में पुर्तगालियों ने अपना मुख्य केंद्र गोवा स्थानांतरित कर लिया। 1947 तक यह उपनिवेश तीन हिस्सों—गोवा, दमन (दादरा और नगर हवेली सहित) और दीव—में विभाजित था, जिन्हें सामूहिक रूप से 'पुर्तगाली भारत' कहा जाता था। 1954 में भारत ने दादरा और नगर हवेली का नियंत्रण ले लिया, और अंततः दिसंबर 1961 में सैन्य कार्रवाई के बाद गोवा, दमन और दीव को भारतीय संघ में मिला लिया गया। हालाँकि, पुर्तगाल ने 1974 की कार्नेशन क्रांति के बाद ही भारतीय संप्रभुता को मान्यता दी, जिससे 450 वर्षों का पुर्तगाली शासन समाप्त हुआ। विलय के बाद ये क्षेत्र केंद्र शासित प्रदेश बने, 1963 में पहले चुनाव हुए, और 1967 के जनमत संग्रह में गोवा ने महाराष्ट्र में विलय को अस्वीकार कर दिया; अंततः 30 मई 1987 को गोवा भारत का 25वाँ राज्य बना। 1962 के नागरिकता आदेश ने वहाँ के निवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान की, और 1994 में पुर्तगाल ने गोवा में अपना वाणिज्य दूतावास खोलकर संबंधों को सामान्य किया।
Source: पुर्तगाली भारत — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi