वल्य कूनम्बायिक्कुलम मन्दिर

केरल के कोल्लम जिले में स्थित वल्य कूनम्बायिक्कुलम मन्दिर भद्रकाली देवी का एक विशाल और प्रसिद्ध मन्दिर है, जो तिरुवनन्तपुरम से लगभग 62 किलोमीटर दूर है। इस मन्दिर का निर्माण प्रसिद्ध कोडुंङल्लूर भद्रकाली मन्दिर के साथ ही हुआ था, और 'वल्य कूनम्बायिक्कुलम' का अर्थ है "भद्रकाली का बड़ा मन्दिर"। यहाँ की विशेष मान्यता है कि नागराज और नागयक्षी की मूर्तियाँ विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करती हैं, जबकि संतान की इच्छा रखने वाले लोग मन्दिर के बरगद के पेड़ों पर ढोलनियाँ (पालने) बाँधते हैं। मन्दिर में मुख्य देवी के साथ महा गणपति, वीरभद्र और यक्षियम्मा जैसे देवी-देवताओं की मूर्तियाँ भी स्थापित हैं। मन्दिर के सामने 'देवी विलासम एल.पी. स्कूल' स्थित है, और इसके तालाब के पास श्री नारायण गुरुदेव का मन्दिर भी है। यह मन्दिर कोल्लम शहर से मात्र 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे यहाँ पहुँचना आसान है।