हिंदू मंदिरः उनका क्या हुआ
हिंदू मंदिरः उनका क्या हुआ — पुस्तक सारांश
"हिंदू मंदिरः उनका क्या हुआ" (Hindu Temples: What Happened to Them) सीता राम गोयल, अरुण शौरी, हर्ष नारायण, जय दुबाशी और राम स्वरूप द्वारा रचित दो खंडों की एक विवादास्पद पुस्तक है, जिसका पहला खंड 1990 के वसंत में प्रकाशित हुआ था। इसके पहले खंड में 2,000 मस्जिदों की सूची दी गई है, जिनके बारे में लेखकों का दावा है कि वे हिंदू मंदिरों के स्थान पर बनाई गई थीं — यह सूची मुख्यतः उस काल के मुस्लिम इतिहासकारों की पुस्तकों और मस्जिदों की शिलाओं पर आधारित है। दूसरे खंड में मध्यकालीन इतिहासों और अभिलेखों के अंश शामिल हैं, जो हिंदू, जैन और बौद्ध मंदिरों के विनाश से संबंधित हैं, और लेखकों का कहना है कि यह सामग्री "हिमशैल का एक छोटा सा हिस्सा" मात्र है। पुस्तक में अयोध्या विवाद पर विशेष अध्याय हैं, साथ ही पहले खंड के परिशिष्ट में 1989 में बांग्लादेश में हुए कथित मंदिर-विनाश की सूची भी दी गई है। इसके अतिरिक्त, पुस्तक "मार्क्सवादी इतिहासकारों" की कड़ी आलोचना करती है, और दूसरे खंड के परिशिष्टों में रोमिला थापर सहित मार्क्सवादी प्रोफेसरों के लिए एक प्रश्नावली भी शामिल है। यह पुस्तक भारतीय इतिहासलेखन और मंदिर-मस्जिद विवाद पर गहन बहस का केंद्र बिंदु रही है।
Source: हिंदू मंदिरः उनका क्या हुआ — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi