सोने का पानी

यहाँ लेख का एक व्यापक सारांश प्रस्तुत है:

गिल्डिंग एक सजावटी कला है जिसमें धातु, लकड़ी, चीनी मिट्टी या पत्थर जैसी ठोस सतहों पर सोने की बहुत पतली परत चढ़ाई जाती है, जिससे वस्तु को "गिल्ट" कहा जाता है। जब इस तकनीक का प्रयोग चांदी पर किया जाता है तो इसे सिल्वर-गिल्ट (वर्मील) कहते हैं, जबकि पीतल/कांस्य पर की गई गिल्डिंग को चीन में गिल्ट-कांस्य और पश्चिम में ओरमोलू के नाम से जाना जाता है। इसके मुख्य तरीकों में सोने की पत्ती को हाथ से चिपकाना, रासायनिक गिल्डिंग, और इलेक्ट्रोप्लेटिंग (जिसे गोल्ड प्लेटिंग भी कहा जाता है) शामिल हैं। पार्सल-गिल्ट (आंशिक गिल्डिंग) में वस्तु की सतह के केवल कुछ हिस्सों पर ही सोना चढ़ाया जाता है, जैसे किसी प्याले के सिर्फ अंदरूनी भाग पर। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह ठोस सोने की वस्तु बनाने की तुलना में बहुत कम लागत में सोने का स्वरूप प्रदान करता है, क्योंकि ठोस सोना अक्सर उपयोग के लिए बहुत नरम या भारी होता है। इसके अतिरिक्त, एक गिल्ट सतह चांदी की तरह धूमिल (काली) नहीं होती, जिससे यह लंबे समय तक चमकदार और टिकाऊ बनी रहती है।