भुवनेश्वर

भुवनेश्वर: ओड़िशा की सांस्कृतिक राजधानी

भुवनेश्वर भारत के ओड़िशा राज्य की राजधानी और सबसे बड़ा नगर है, जो खोर्धा ज़िले में स्थित है। ऐतिहासिक दृष्टि से यह नगर अत्यंत महत्वपूर्ण है—तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में यहीं कलिंग युद्ध हुआ था, जिसके परिणामस्वरूप सम्राट अशोक एक योद्धा से बौद्ध धर्म का अनुयायी बन गया। इसे "पूर्व का काशी" कहा जाता है, क्योंकि यह हिंदू, बौद्ध और जैन—तीनों धर्मों का पवित्र स्थल रहा है; प्राचीन काल में 1000 वर्षों तक बौद्ध धर्म यहाँ फलता-फूलता रहा और प्रथम शताब्दी में जैन राजा खारवेल ने यहाँ शासन किया। अनुश्रुतियों के अनुसार यहाँ कभी 7000 मंदिर थे, जिनमें से अब केवल 600 बचे हैं, जिनमें राजा-रानी मंदिर (11वीं शताब्दी), ब्राह्मेश्वर मंदिर (1060 ई.) और मुक्तेश्वर-परमेश्वर मंदिर समूह (650 ई.) प्रमुख हैं। राजधानी से 100 किलोमीटर दूर खुदाई में रत्नागिरि, उदयगिरि और ललितगिरि नामक तीन प्राचीन बौद्ध विहार मिले हैं, जो 13वीं शताब्दी तक बौद्ध धर्म की उन्नत अवस्था के प्रमाण हैं। 1972 तक कटक राजधानी थी, जिसके बाद यह नया नगर इंजीनियरों और वास्तुविदों द्वारा उपयोगितावादी सिद्धांत पर बसाया गया, जो आज पूर्वी भारत का प्रमुख आर्थिक एवं सांस्कृतिक केंद्र है।