चनाब नदी

चिनाब नदी भारत के हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में टांडी नामक स्थान पर चंद्रा और भागा नदियों के संगम से बनती है, जिसे ऊपरी क्षेत्र में चंद्रभागा भी कहा जाता है और यह सिंधु नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है। लगभग 960 किलोमीटर लंबी यह नदी जम्मू-कश्मीर से होकर पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में बहती है, जहाँ यह रावी और झेलम से मिलकर उच शरीफ के पास सतलुज में विलीन हो जाती है और अंततः सिंधु नदी में जाकर मिलती है। वैदिक काल में इसे अश्किनी कहा जाता था, और यह पंजाबी संस्कृति में हीर-रांझा तथा सोहनी-महिवाल जैसी प्रसिद्ध प्रेम कथाओं का अभिन्न हिस्सा रही है। सिंधु जल समझौते के तहत इसका पानी भारत और पाकिस्तान के बीच साझा किया जाता है, हालाँकि भारत द्वारा बनाए जा रहे बागलीहार जैसे जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर पाकिस्तान की आपत्तियों को भारत ने खारिज कर दिया है। इसकी सबसे बड़ी सहायक नदी मारुसुदर है, जो भंडालकोट में मिलती है, और यह नदी पीर-पंजाल की घाटियों से गुजरते हुए अखनूर के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करती है।