२०२६ इजरायल-अमेरिका का ईरान पर हमला
ईरान पर संयुक्त अमेरिका-इज़राइल हमला: एक संक्षिप्त सारांश
२८ फरवरी २०२६ को संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के तेहरान, इस्फ़हान, कोम, करज और करमानशाह सहित कई शहरों पर संयुक्त सैन्य हमला किया, जिसे 'गर्जता हुआ शेर', 'यहूदा का शिल्ड' और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' जैसे कोडनेम दिए गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की मिसाइल और सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना, उसे परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकना और अंततः शासन को गिराना था। इस हमले में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का कंपाउंड भी निशाना बनाया गया, जो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जवाब में ईरान ने इज़राइल, जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, कतर और यूएई पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह संघर्ष २०१८ में अमेरिका के JCPOA से बाहर निकलने, आर्थिक प्रतिबंधों और दिसंबर २०२५ में शुरू हुए राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में हुआ। अंततः ८ अप्रैल को अमेरिका, इज़राइल और ईरान दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हुए।
Source: २०२६ इजरायल-अमेरिका का ईरान पर हमला — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi
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