बांग्लादेश का ध्वज

बांग्लादेश का राष्ट्रीय ध्वज 17 जनवरी 1972 को अपनाया गया था, जिसमें हरे रंग की पृष्ठभूमि पर एक लाल गोला बना है, जो सूर्योदय और स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए लोगों के खून का प्रतीक है, जबकि हरा रंग देश की हरियाली को दर्शाता है। यह ध्वज 1971 के स्वतंत्रता युद्ध के दौरान इस्तेमाल किए गए झंडे पर आधारित है, जिसमें लाल गोले के अंदर पीला नक्शा था, जिसे 1972 में हटा दिया गया क्योंकि दोनों तरफ दिखाना मुश्किल था। इसका पहला संस्करण 6 जून 1970 को ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने बनाया था और इसे 2 मार्च 1971 को छात्र नेता अब्दुर राब ने फहराया था। ध्वज का अनुपात 10:6 है, और लाल गोले की त्रिज्या ध्वज की लंबाई का एक-तिहाई होती है; इसे स्वतंत्रता दिवस (26 मार्च) जैसे अवसरों पर फहराया जाता है और 21 फरवरी तथा 15 अगस्त को आधा झुका रखा जाता है। 16 दिसंबर 2013 को विजय दिवस के अवसर पर ढाका में 27,117 लोगों ने मिलकर एक 'मानव ध्वज' बनाया, जिसने दुनिया के सबसे बड़े मानव ध्वज का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।