म्यूचुअल फंड

म्यूचुअल फंड (पारस्परिक निधि) एक सामूहिक निवेश योजना है, जिसमें कई निवेशकों का पैसा इकट्ठा करके स्टॉक, बॉन्ड और अन्य प्रतिभूतियों में निवेश किया जाता है, और भारत की सबसे पुरानी ऐसी कंपनी यूटीआई एएमसी (UTI AMC) है। इसमें एक फंड मैनेजर निवेश का निर्णय लेता है, जिससे मिलने वाला फायदा-नुकसान सभी निवेशकों में बांट दिया जाता है, जबकि फंड के शेयर की कीमत को नेट एसेट वैल्यू (NAV) कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि छोटे निवेशक सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए मात्र 100 रुपये प्रति माह से भी निवेश शुरू कर सकते हैं, जिससे शेयर बाजार की जानकारी न होने पर भी निवेश संभव हो पाता है। जोखिम और रिटर्न के आधार पर इनके कई प्रकार होते हैं, जैसे लार्ज कैप (सुरक्षित बड़ी कंपनियां), मिड कैप (मध्यम आकार की कंपनियां), ग्रोथ फंड (तेजी से बढ़ती कंपनियां) और बैलेंस्ड/हाइब्रिड फंड (स्टॉक और बॉन्ड का मिश्रण)। संरचना के हिसाब से ये ओपन एंडेड (जहां कभी भी प्रवेश-निकास संभव है) और क्लोज एंडेड (जहां एक बार ही सब्सक्रिप्शन लिया जाता है और तरलता कम होती है) दो तरह के होते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडेक्स फंड और विविध (डायवर्सिफाइड) योजनाएं भी उपलब्ध हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करके जोखिम को फैलाती हैं।