टाटा इस्पात

टाटा स्टील (पूर्व में टिस्को) की स्थापना 1907 में जमशेदपुर में हुई थी, और यह विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी इस्पात कंपनी है जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 28 मिलियन टन है। फॉर्च्यून 500 में 315वें स्थान पर स्थित इस कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है, और वित्त वर्ष 2007-08 में इसकी सकल आय ₹1,32,110 करोड़ तथा शुद्ध लाभ ₹12,350 करोड़ रहा, जिससे यह भारत की दूसरी सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली निजी कंपनी बनी। इसने वर्ष 2000 में सबसे कम लागत में इस्पात बनाने का खिताब और 2005 में वर्ल्ड स्टील डायनेमिक्स का सर्वश्रेष्ठ इस्पात निर्माता का पुरस्कार जीता, तथा अधिग्रहणों के बाद यह एक बहुराष्ट्रीय कंपनी बन गई है। जमशेदपुर स्थित इसके संयंत्र को सुवर्णरेखा, खारकई और कोई नदियों से पानी, नोआमुंडी से लौह अयस्क तथा झरिया और बोकारो से कोयला मिलता है, और 240 किलोमीटर दूर कोलकाता बंदरगाह निर्यात में सहायक है। भारत का लगभग 20% इस्पात यहीं तैयार होता है, और यह कंपनी मुंबई स्टॉक एक्सचेंज तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज दोनों में सूचीबद्ध है, जहाँ लगभग 82,700 कर्मचारी कार्यरत हैं।