बरगीत
बरगीत असम के महान संत श्रीमंत शंकरदेव और माधवदेव द्वारा रचित उच्च आध्यात्मिक भाव वाले भक्ति गीत हैं, जो ब्रजावली भाषा में लिखे गए और भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान करते हैं। विद्वानों ने इन्हें 'महान संगीत', 'स्वर्गीय संगीत' और 'पवित्र संगीत' जैसी उपाधियों से सम्मानित किया है। शंकरदेव ने लगभग 240 बरगीतों की रचना की थी, लेकिन एक अग्निकांड में अधिकांश नष्ट हो गए और केवल 35 ही बच पाए, जबकि माधवदेव के 180 गीत आज उपलब्ध हैं; इतिहास का पहला बरगीत 'मन मेरि राम चरनहि लागू' (लगभग 1488 ई.) माना जाता है। इन गीतों के मुख्य विषय कृष्ण की बाल लीलाएँ, गोपियों के साथ रास, वियोग की व्याकुलता और उद्धव की भक्ति हैं। साथ ही, इनमें मानव जीवन की नश्वरता, भक्ति का महत्व और ईश्वर के प्रति आत्मसमर्पण जैसे गहरे दार्शनिक विचार भी व्यक्त किए गए हैं।
Source: बरगीत — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi