डीज़ल

यहाँ विकिपीडिया लेख का एक व्यापक सारांश प्रस्तुत है:

डीज़ल पेट्रोलियम से 200-350°C के तापमान पर आसवन द्वारा प्राप्त एक महत्वपूर्ण उदप्रांगार ईंधन है, जिसका नाम जर्मन आविष्कारक रुडोल्फ़ डीज़ल के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने 1892 में इस इंजन का पेटेंट कराया था। इसका उपयोग मुख्यतः भारी वाहनों और संपीडित-प्रज्वलन इंजनों में होता है; इसका घनत्व लगभग 820 ग्राम प्रति लीटर होता है और इसमें पेट्रोल की तुलना में प्रति लीटर थोड़ी अधिक ऊर्जा (लगभग 43.18 मेगाजूल) पाई जाती है। इसके दहन से नाइट्रोजन ऑक्साइड और कालिख जैसे प्रदूषक निकलते हैं, जिससे प्रदूषण नियंत्रण मुश्किल होता है, इसलिए अब जैव डीज़ल (बायोडीज़ल) को बढ़ावा दिया जा रहा है। कर नीति की बात करें तो भारत में डीज़ल पर पेट्रोल की तुलना में कम कर लगता है क्योंकि देश में अनाज और आवश्यक वस्तुओं का अधिकांश परिवहन डीज़ल वाहनों से होता है। इसके विपरीत, कई पश्चिमी देशों (जैसे यूरोप, अमेरिका) में पर्यावरणीय कारणों से इस पर अधिक कर लगाया जाता है, और वहाँ कृषि या गैर-वाणिज्यिक कार्यों के लिए उपयोग होने वाले 'लाल डीज़ल' (Red Diesel) को विशेष रंजक से चिह्नित कर कर-मुक्त रखा जाता है ताकि कर धोखाधड़ी को रोका जा सके।