भारत-पाकिस्तान सम्बन्ध

भारत-पाकिस्तान संबंधों का सारांश

भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध हमेशा से ऐतिहासिक विभाजन, कश्मीर विवाद और आतंकवाद के मुद्दों के कारण तनावपूर्ण रहे हैं। 18 सितंबर 2016 को उरी सेक्टर में भारतीय सेना के मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले में 18 जवान शहीद हुए, जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कूटनीतिक मुहिम शुरू की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "खून और पानी साथ नहीं बह सकते" बयान के साथ भारत ने सिंधु जल संधि की समीक्षा की, जिससे पाकिस्तान ने परमाणु हथियारों की धमकी दी। भारत ने नवंबर 2016 में दक्षेस शिखर सम्मेलन का बहिष्कार किया, जिसका समर्थन बांग्लादेश, अफगानिस्तान और भूटान ने भी किया। 29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल हमले किए, जिससे दोनों देशों के संबंध और बिगड़ गए। यह घटनाक्रम भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे गहरे अविश्वास और सैन्य तनाव को दर्शाता है।