लॉजिक गेट
तर्कद्वार (Logic Gate) डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स की आधारभूत इकाई है, जिसका आउटपुट इनपुट की हाई/लो अवस्थाओं के बूलीय फलन पर निर्भर करता है, ठीक उसी तरह जैसे दरवाजा खुला या बंद हो सकता है। तकनीकी विकास में ये गेट रिले और डायोड से शुरू होकर ट्रांजिस्टर युक्त विभिन्न पद्धतियों (RTL, DTL, TTL) से गुजरे, और आजकल लगभग सभी जगह कम बिजली खपत वाली CMOS तकनीक का उपयोग होता है, जिससे आधुनिक कंप्यूटर जैसे जटिल प्रोसेसर बनाए जाते हैं। इन्हें मुख्यतः दो प्रकारों में बाँटा गया है - संयोजन तर्क (जिसमें स्मृति नहीं होती) और अनुक्रमिक तर्क (जो फ्लिप-फ्लॉप की सहायता से डेटा स्टोर करते हैं, जिससे कंप्यूटर की मेमोरी बनती है)। एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि केवल NAND और NOR गेट को यूनिवर्सल गेट कहा जाता है, क्योंकि इन्हीं से किसी भी अन्य लॉजिक गेट को बनाया जा सकता है, जबकि अकेले AND, OR या NOT में यह क्षमता नहीं होती। साथ ही, तीन-अवस्था वाले गेट (हाई, लो और हाई-इम्पीडेंस) होते हैं, जिनका उपयोग कंप्यूटर की डेटा बस में बहुत जरूरी है ताकि एक साथ जुड़े कई उपकरणों में सिग्नल की टकराहट न हो।
Source: लॉजिक गेट — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi