कंट्रेरियन शेयर

कंट्रेरियन शेयर (Contrarian Share) का सारांश

कंट्रेरियन शेयर वह शेयर होता है जिसे अधिकांश निवेशक नकारात्मक खबरों, खराब प्रदर्शन या बाजार की निराशावादी धारणा के कारण नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे इसकी कीमत उसकी वास्तविक कीमत से काफी नीचे गिर जाती है। कंट्रेरियन निवेशक इसी अवसर का लाभ उठाते हैं, क्योंकि उनका मानना होता है कि बाजार इस शेयर के प्रति अत्यधिक नकारात्मक है और भविष्य में स्थिति सुधरने पर कीमत तेजी से बढ़ेगी। ऐसे शेयरों की पहचान कम मूल्यांकन (जैसे कम P/E या P/B रेशियो), उच्च डिविडेंड यील्ड, विश्लेषकों द्वारा अनदेखी या 'बेचने' की सलाह, और अलोकप्रिय उद्योग से जुड़े होने जैसी विशेषताओं से की जा सकती है। हालांकि, इस रणनीति में मूल्य जाल (Value Trap) का सबसे बड़ा जोखिम होता है, जहां शेयर सस्ता इसलिए होता है क्योंकि कंपनी के मौलिक विश्लेषण वास्तव में कमजोर होते हैं और वह कभी उबर नहीं पाती। साथ ही, इसमें धैर्य की परीक्षा भी होती है, क्योंकि शेयर महीनों या सालों तक कम कीमत पर बना रह सकता है, और कभी-कभी बाजार की नकारात्मक धारणा के पीछे वास्तविक स्थायी कारण भी हो सकते हैं।