तारकीय आंधी
तारकीय आंधी (Stellar Wind) — सारांश
तारकीय आंधी उस आयनित गैस प्रवाह को कहते हैं जो किसी तारे के ऊपरी वायुमंडल से बाहर व्योम में बहता है, जिससे तारे का द्रव्यमान धीरे-धीरे कम होता रहता है। मरते हुए लाल दानव या महादानव तारे बड़ी मात्रा में लेकिन धीमी गति (लगभग 10 किमी/सेकंड) से अपना द्रव्य बाहर फेंकते हैं, जबकि O और B श्रेणी के भीमकाय तारों से निकलने वाली आंधियों में द्रव्यमान कम पर गति बहुत तेज़ (2,000 किमी/सेकंड) होती है और इनमें कार्बन व नाइट्रोजन जैसे भारी तत्व पाए जाते हैं। हमारे सूरज जैसे G श्रेणी के तारों में यह आंधी कोरोना के चुंबकीय प्रभाव से उत्पन्न होती है और इसे "सौर आंधी" कहा जाता है, जिसमें उच्च ऊर्जा वाले इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन तारे के गुरुत्वाकर्षण बंधन को तोड़कर बाहर निकलते हैं। इन आंधियों का सूरज जैसे छोटे तारों पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन O श्रेणी के विशाल तारे अपने द्रव्यमान का आधे से अधिक हिस्सा खो सकते हैं, जिससे उनका अंतिम भाग्य बदल जाता है — कुछ तारे जिन्हें महानोवा (सुपरनोवा) बनना चाहिए था, वे आंधी के कारण द्रव्य खोकर सफ़ेद बौने बन जाते हैं। अंग्रेज़ी में इसे "स्टेलर विंड" और फ़ारसी में "बाद-ए-सिताराए" कहा जाता है।
Source: तारकीय आंधी — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi