2021 की भारतीय जनगणना
भारत की 16वीं जनगणना (2027) दो चरणों में आयोजित की जाएगी - पहला चरण आवास सूचीकरण (अप्रैल से सितंबर 2026) और दूसरा चरण जनसंख्या गणना (फरवरी 2027)। मूल रूप से 2021 में होने वाली यह जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी, और अब यह 1931 के बाद पहली बार जाति जनगणना को भी शामिल करेगी। सितंबर 2019 में अमित शाह की घोषणा के अनुसार, यह जनगणना पूर्णतः डिजिटल होगी, जिसमें मोबाइल ऐप और 16 भाषाओं का उपयोग होगा, साथ ही नागरिकों को स्व-गणना (ऑनलाइन पोर्टल) की सुविधा भी दी जाएगी। हालांकि, सरकार ने लोकसभा सीटों के परिसीमन के लिए 2027 के आंकड़ों के बजाय 2011 की जनगणना का उपयोग करने का निर्णय लिया है, ताकि महिला आरक्षण विधेयक के कार्यान्वयन में देरी न हो, जिसके लिए संवैधानिक संशोधन प्रस्तावित है। हिमालयी क्षेत्रों (जैसे लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड) में गणना कार्य सितंबर 2026 से शुरू होगा।
Source: 2021 की भारतीय जनगणना — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi