२जी

2G (दूसरी पीढ़ी) एक डिजिटल बेतार टेलीफोन तकनीक है, जिसे सबसे पहले 1991 में फिनलैंड में रेडियोलिंजा (अब एलिसा ओइज) द्वारा GSM मानक पर व्यावसायिक रूप से शुरू किया गया था। अपने पूर्ववर्ती 1G (एनालॉग) के मुकाबले, 2G ने डिजिटल कूटलेखन, बेहतर स्पेक्ट्रम क्षमता, और SMS जैसी डेटा सेवाओं की शुरुआत की, जिससे कॉल सुरक्षित और नेटवर्क अधिक कुशल बने। 2G तकनीक मुख्य रूप से TDMA (जैसे GSM) और CDMA (जैसे cdmaOne) मानकों में विभाजित है, जिसमें GSM दुनिया भर में लगभग 80% ग्राहकों के साथ सबसे प्रमुख मानक बन गया। इसके प्रमुख लाभों में कम बिजली की खपत, बेहतर गोपनीयता, और धोखाधड़ी में भारी कमी शामिल है, क्योंकि एनालॉग की तुलना में डिजिटल कॉल को सुनना या क्लोन करना बहुत कठिन हो गया। हालाँकि, कम आबादी वाले क्षेत्रों में कमजोर डिजिटल सिग्नल एक चुनौती बन सकते हैं, और इसके बाद उच्च गति वाली 2.5G, 3G और 4G जैसी तकनीकों का विकास हुआ।