ग्वालियर

ग्वालियर मध्य प्रदेश के उत्तर में स्थित एक ऐतिहासिक नगर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विकसित होने वाले शहरों में चुना गया है। इसका नाम छठी शताब्दी में राजा सूरजसेन को जीवनदान देने वाले संत ग्वालिपा के नाम पर पड़ा, और यहाँ का प्रसिद्ध किला हूण शासक मिहिरकुल से लेकर तोमर वंश के राजा मान सिंह द्वारा निर्मित मान मंदिर महल तक की गाथा समेटे हुए है, जिसे बाबर ने "भारत के किलों के हार में मोती" कहा था। 1231 में इल्तुतमिश ने इसे जीता, बाद में 1375 में तोमरवंश और 1740 में जाट राजा भीम सिंह राणा ने यहाँ शासन किया, जिसके बाद सिंधिया (मराठा) वंश का अधिकार स्थापित हुआ। 1857 के संग्राम में सिंधिया शासक ने अंग्रेज़ों का साथ दिया, लेकिन जब रानी लक्ष्मीबाई ग्वालियर पहुँचीं, तो उन्होंने अंग्रेज़ों से भीषण युद्ध लड़ा और जून 1858 में यहीं वीरगति को प्राप्त हुईं। यह शहर संगीत के लिए भी प्रसिद्ध रहा है, जहाँ तानसेन ने शिक्षा ग्रहण की, और यहाँ के ऐतिहासिक स्थलों में सहस्त्रबाहु (सास-बहू) मंदिर, मुरार और थाटीपुर शामिल हैं, साथ ही किले के चतुर्भुज मंदिर में शून्य (0) का सबसे पुराना लिखित प्रमाण मिलने का दावा भी किया जाता है।