सुखोई एसयू-57
सुखोई एसयू-57 (जिसे टी-50 के नाम से भी जाना जाता है) रूसी वायु सेना का पहला पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ मल्टीरोल लड़ाकू विमान है, जिसे हवाई श्रेष्ठता और जमीनी/समुद्री हमले के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह विमान सुपरक्रूज़, सुपरमैन्युवरेबिलिटी, उन्नत एवियोनिक्स और स्टेल्थ तकनीक से लैस है, जो इसे मिग-29 और सुखोई सू-27 का उत्तराधिकारी बनाता है। इसका प्रोटोटाइप पहली बार 29 जनवरी 2010 को उड़ा और 2018 से रूसी वायु सेना के लिए उत्पादन की योजना थी, जबकि इसे भारत के सुखोई-एचएएल एफजीएफए कार्यक्रम में सह-विकसित करने का भी प्रावधान था। यह विमान अधिकतम मैक 2 गति, 20,000 मीटर की उड़ान ऊँचाई और लगभग 3,500 किमी की सबसोनिक रेंज हासिल कर सकता है, तथा इसकी कम लागत को देखते हुए इसे कोरिया और ब्राज़ील जैसे देशों को निर्यात करने की कोशिशें भी हुईं। परीक्षण के दौरान 10 जून 2014 को टी-50-5 प्रोटोटाइप में लैंडिंग के बाद इंजन में आग लग गई थी, लेकिन पायलट सुरक्षित बच गया और सुखोई ने इसे परीक्षण कार्यक्रम के लिए बाधक नहीं बताया। कुल मिलाकर, एयू-57 रूसी वायु सेना का एक अत्यंत शक्तिशाली और दीर्घजीवी (35 वर्ष तक सेवा के लिए) बहुउद्देशीय लड़कू विमन है, जो सैन्य तकनीक का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
Source: सुखोई एसयू-57 — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi
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