दिल्ली हॉफ मैराथन

दिल्ली हॉफ मैराथन भारत की एक प्रतिष्ठित वार्षिक दौड़ है, जिसकी शुरुआत 2005 में हुई और यह विश्व की सबसे तेज़ हॉफ मैराथन में से एक मानी जाती है, जिसमें अभिजात वर्ग के धावक भाग लेते हैं। इस आयोजन में लगभग 40,000 प्रतिभागी शामिल होते हैं, जिसमें मुख्य हॉफ मैराथन के अलावा 7 किमी का 'ग्रेट दिल्ली रन', वरिष्ठ नागरिकों के लिए 4.3 किमी और व्हीलचेयर के लिए 3.5 किमी की दौड़ शामिल है। यह दौड़ नेहरू स्टेडियम से शुरू होती है, हालांकि 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के नवीनीकरण के दौरान इसे अस्थायी रूप से सचिवालय भवन के मैदान में स्थानांतरित कर दिया गया था। प्रायोजन की दृष्टि से, वर्तमान में वेदांता 2022 से 2027 तक टाइटल प्रायोजक है, जबकि इससे पहले एयरटेल ने 2008 से 2020 तक यह भूमिका निभाई थी। पहले संस्करण में कुल पुरस्कार राशि 310,000 अमेरिकी डॉलर थी, और 2015 में विजेताओं को 27,000 डॉलर मिले, जो इसकी उच्च प्रतिस्पर्धात्मकता और वैश्विक पहचान को दर्शाता है।