ब्राह्मणबाड़िया
ब्राह्मणबाड़िया बांग्लादेश के पूर्वी हिस्से में स्थित एक प्रमुख शहर है, जो कुमिल्ला के बाद दूसरा सबसे बड़ा शहर और ब्राह्मणबाड़िया ज़िले की राजधानी है। 1868 में स्थापित यह बांग्लादेश की सबसे पुरानी नगर पालिकाओं में से एक है, और 1984 में इसे ज़िला मुख्यालय बनाया गया; 2022 की जनगणना के अनुसार इसकी आबादी लगभग 265,000 है, जो इसे देश का 14वां सबसे बड़ा शहर बनाती है। यह शहर बांग्लादेश के सबसे बड़े गैस क्षेत्र, तितास गैस क्षेत्र के लिए भी प्रसिद्ध है। नाम की उत्पत्ति के बारे में कहा जाता है कि सेन राजवंश के शासनकाल में राजा लक्ष्मण सेन द्वारा कान्यकुब्ज से लाए गए ब्राह्मणों ने यहाँ अपने घर (बाड़ि) बनाए, जिससे इसका नाम ब्राह्मणबाड़िया पड़ा। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान, पाकिस्तानी सेना ने भारतीय हमले की आशंका में अपनी 27वीं ब्रिगेड को मयमनसिंह से आखाउड़ा-ब्राह्मणबाड़िया अक्ष पर स्थानांतरित किया था। अंततः 16 दिसम्बर 1971 को पाकिस्तान के 93,000 सैनिकों ने भारतीय सेना और मुक्तिवाहिनी के सामने आत्मसमर्पण किया, जिस दिन को बांग्लादेश में 'बिजॉय दिबॉश' और भारत में 'विजय दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
Source: ब्राह्मणबाड़िया — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi