लता मंगेशकर

लता मंगेशकर (28 सितंबर 1929 – 6 फ़रवरी 2022) भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय पार्श्वगायिका थीं, जिन्होंने छह दशकों के अपने करियर में 30 से अधिक भाषाओं में 30,000 से ज्यादा गाने गाए। इंदौर में जन्मी लता ने 1942 में मराठी फिल्म किती हसाल से अपने गायन की शुरुआत की, लेकिन पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की मृत्यु के बाद उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा और कुछ फिल्मों में अभिनय भी करना पड़ा। 1949 में फिल्म महल का गीत "आयेगा आनेवाला" उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आशा भोंसले के साथ मिलकर भारतीय संगीत को समृद्ध किया। उनकी जादुई आवाज़ के लिए टाइम पत्रिका ने उन्हें "भारतीय पार्श्वगायन की साम्राज्ञी" कहा, और भारत सरकार ने उन्हें 2001 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया। 6 फरवरी 2022 को कोविड-19 से जुड़ी जटिलताओं के कारण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका निधन हो गया, लेकिन "लता दीदी" के नाम से मशहूर उनकी सुरीली आवाज़ और विरासत आज भी दुनिया भर के प्रशंसकों के दिलों में जीवित है।