त्रिकोणमिति

त्रिकोणमिति (Trigonometry) - सारांश

त्रिकोणमिति गणित की वह महत्वपूर्ण शाखा है जो त्रिभुजों और बहुभुजों के अध्ययन से संबंधित है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'त्रिभुज का मापन'। इसका मुख्य आधार समकोण त्रिभुज का अध्ययन है, जहाँ तीनों भुजाओं (कर्ण, लम्ब व आधार) के अनुपातों को त्रिकोणमितीय अनुपात कहा जाता है — जिनमें प्रमुख हैं ज्या (sine), कोज्या (cosine) और स्पर्शज्या (tan) तथा उनके व्युत्क्रम। त्रिकोणमिति का बौधायन प्रमेय (पाइथागोरस प्रमेय) से गहरा संबंध है, जिससे सिद्ध होता है कि किसी भी कोण के लिए ज्या² + कोज्या² = 1 होता है। भारत के महान् गणितज्ञ आर्यभट्ट ने चौथी शताब्दी में शून्य से 90 अंश के बीच चौबीस कोणों के ज्या के मानों की सारणी प्रस्तुत की थी। आधुनिक समय में त्रिकोणमिति का उपयोग भौतिकी, इंजीनियरी, खगोलशास्त्र, और संगीत सहित अनेक क्षेत्रों में व्यापक रूप से होता है।