गैस दानव

गैस दानव (Gas Giant) वे विशाल ग्रह हैं जो चट्टानों की बजाय मुख्य रूप से गैसों से बने होते हैं, और हमारे सौर मंडल में बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण इसी श्रेणी में आते हैं। इनमें मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैसें पाई जाती हैं, साथ ही अमोनिया जैसी अन्य गैसें भी मौजूद होती हैं, और ये अन्य तारा प्रणालियों में भी खोजे जा चुके हैं। तारों के विपरीत, इन ग्रहों में नाभिकीय संलयन (न्यूक्लियर फ्यूज़न) नहीं होता, क्योंकि इनका गुरुत्वाकर्षण इतना शक्तिशाली नहीं होता कि हाइड्रोजन को हीलियम में बदल सके। गैस दानवों और तारों के बीच की श्रेणी भूरे बौने (ब्राउन ड्वार्फ़) कहलाती है, जो ड्यूटेरियम और लिथियम जैसे भारी तत्वों का संलयन कर सकते हैं, लेकिन हाइड्रोजन संलयन के लिए पर्याप्त दबाव नहीं रखते। वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि किसी वस्तु का द्रव्यमान बृहस्पति से लगभग 13 गुना अधिक हो, तो वह भूरा बौना बन जाती है, और 75 गुना अधिक होने पर वह तारे का रूप धारण कर लेती है।