रक्षाबन्धन
रक्षाबन्धन भारत का प्रमुख हिन्दू एवं जैन त्योहार है जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा (सावन की पूर्णिमा) को मनाया जाता है, और यह भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाई की दाहिनी कलाई पर राखी (रक्षासूत्र) बाँधती हैं, टीका करके आरती उतारती हैं और उनकी दीर्घायु व उन्नति की कामना करती हैं, जिसके बदले में भाई उनकी रक्षा का वचन देकर उन्हें उपहार देते हैं। इस पर्व का पौराणिक महत्व राजा बलि से जुड़ा है, और राखी बाँधते समय संस्कृत श्लोक 'येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबल:' का उच्चारण किया जाता है। यह पर्व केवल सगे भाई-बहन तक सीमित नहीं है, बल्कि गुरु-शिष्य, ब्राह्मण-यजमान तथा सम्मानित नेताओं को भी राखी बाँधी जाती है, और इसे राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के निवास पर भी धूमधाम से मनाया जाता है। पूजा की थाली में रोली, चावल, दीपक और मिठाई रखकर विधिवत अनुष्ठान किया जाता है, जो आत्मीयता, स्नेह और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, तथा धर्म, जाति और देश की सीमाओं से परे रिश्तों को मज़बूती प्रदान करता है।
Source: रक्षाबन्धन — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi