हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) की स्थापना 1969 में हुई थी और यह राज्य में स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम निर्धारित करने, पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित करने तथा बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन की मुख्य ज़िम्मेदारी निभाती है। इसका मुख्यालय शुरुआत में शिमला था, लेकिन जनवरी 1983 में इसे स्थानांतरित करके धर्मशाला में बना दिया गया, जिसके प्रथम अध्यक्ष कुलतार चंद राणा थे। यह बोर्ड वर्तमान में 8,000 से अधिक स्कूलों को संबद्ध किए हुए है, जहां हर साल 5 लाख से अधिक परीक्षार्थियों के लिए 1,650 से अधिक परीक्षा केंद्र स्थापित किए जाते हैं। इसके अंतर्गत कक्षा 10वीं, 10+2 (12वीं), जेबीटी और टीटीसी जैसी प्रमुख परीक्षाएं आयोजित होती हैं। वर्तमान में डॉ. सुरेश सोनी बोर्ड के अध्यक्ष और अक्षय सूद सचिव के पद पर कार्यरत हैं, जबकि राज्य में छात्रों तक पुस्तकें पहुंचाने के लिए 26 पुस्तक वितरण केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। शुरूआत में केवल 34 कर्मचारियों से शुरू हुआ यह बोर्ड अब 600 से अधिक कर्मचारियों और एक विशाल शैक्षिक नेटवर्क के साथ पूरे राज्य में काम कर रहा है।हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) की स्थापना 1969 में हुई थी और यह राज्य में स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम निर्धारित करने, पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित करने तथा परीक्षाओं के आयोजन की मुख्य जिम्मेदारी निभाती है। इसका मुख्यालय शुरुआत में शिमला था, लेकिन जनवरी 1983 में इसे स्थानांतरित कर धर्मशाला में स्थापित किया गया, जिसके पहले अध्यक्ष कुलतार चंद राणा थे। यह बोर्ड वर्तमान में 8,000 से अधिक स्कूलों को संबद्ध करता है और हर साल 5 लाख से अधिक परीक्षार्थियों के लिए 1,650 से अधिक परीक्षा केंद्र स्थापित करता है। इसके अंतर्गत कक्षा 10वीं, 10+2 (12वीं), जेबीटी और टीटीसी की परीक्षाएँ आयोजित की जाती हैं। वर्तमान में डॉ. सुरेश सोनी बोर्ड के अध्यक्ष और अक्षय सूद सचिव हैं, जबकि राज्य भर में छात्रों तक किताबें पहुँचाने के लिए 26 पुस्तक वितरण केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। केवल 34 कर्मचारियों से शुरू हुआ यह बोर्ड अब अपने विशाल नेटवर्क के साथ प्रदेश के लाखों छात्रों को सेवाएं प्रदान कर रहा है।
Source: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi