के॰आर॰ मीरा

के. आर. मीरा (जन्म 19 फ़रवरी 1970) मलयाली साहित्य की एक प्रमुख लेखिका हैं, जिनका जन्म केरल के कोल्लम जिले के शास्तामकोटा में हुआ। उन्होंने मलयाला मनोरमा में पत्रकार के रूप में काम किया, लेकिन 2006 में खुद को पूरी तरह लेखन के लिए समर्पित करने हेतु नौकरी छोड़ दी। उनकी सबसे चर्चित कृति उपन्यास 'आराचार' (2012) है, जिसे मलयाली साहित्य की सर्वश्रेष्ठ रचनाओं में से एक माना जाता है। इस उपन्यास के लिए उन्हें वर्ष 2015 का प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार और 2014 का वायलार पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। इससे पहले, उनकी लघु कथा 'एवे मारिया' को वर्ष 2009 का केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार मिल चुका है। वर्ष 2001 से सक्रिय मीरा की कहानियाँ समाज में महिलाओं और मज़दूरों की दुर्दशा जैसे मुद्दों को गहराई से उजागर करती हैं।