दक्षिण कोरिया में लैंगिक असमानता
दक्षिण कोरिया में लैंगिक असमानता, गहरी पितृसत्तात्मक परंपराओं (कन्फ्यूशीवाद, जोसियन राजवंश १३९२-१९१०) से उत्पन्न एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो देश को वैश्विक रैंकिंग में लगातार सबसे असमान राष्ट्रों में शामिल करती है। विभिन्न सूचकांकों में इसकी रैंकिंग अलग-अलग है—जहां 2017 यूएनडीपी रिपोर्ट इसे 160 देशों में 10वें स्थान पर रखती है, वहीं विश्व आर्थिक मंच की 2017 ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट में यह 144 देशों में 118वें स्थान पर है। सबसे गंभीर चुनौती आर्थिक भागीदारी और राजनीतिक अधिकारिता में है (121वें स्थान पर), जबकि स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा में सुधार हुआ है। असमानता की जड़ें कन्फ्यूशियस सिद्धांतों (जैसे "तीन आज्ञाकारिताएं") में निहित हैं, जो पति को पत्नी पर अधिकार देते हैं, और सैन्य यौन दासता जैसी ऐतिहासिक प्रथाओं से इसे और बढ़ावा मिला है। बावजूद इसके, देश ने कानूनी और नीतिगत सुधारों में प्रगति की है—2010 के सर्वेक्षण में 93% दक्षिण कोरियाई महिलाओं के समान अधिकारों में विश्वास करते हैं, और 71% मानते हैं कि अभी वास्तविक समानता के लिए और बदलावों की आवश्यकता है।
Source: दक्षिण कोरिया में लैंगिक असमानता — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi
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