हरी खाद
हरी खाद एक सहायक फसल है, जिसे कच्ची अवस्था में जुताई करके मिट्टी में मिला दिया जाता है, जिससे भूमि में कार्बनिक पदार्थ और उपजाऊ शक्ति बढ़ती है। इस क्रिया से केवल नाइट्रोजन ही नहीं बल्कि मृदा की भौतिक, रासायनिक और जैविक दशा में सुधार होता है, और मिट्टी अधिक भुरभुरी, वायुसंचार युक्त तथा जलधारण क्षमता वाली बन जाती है। सनई, ढैंचा, लोबिया, मूंग, उड़ै जैसी दलही फसलें वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिरीकृत करती हैं, जो हरी खाद के लिए उत्तम मानी जाती हैं। फसल का चयन जलवायु के आधार पर किया जाता है—उदाहरण के लिए, ढैंचा सूखा एवं क्षारीय भूमि के लिए जबकि सनई अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है। यह टिकाऊ और कम लागत वाली विधि रसायनिक उर्वरकों की आवश्यकता घटाकर मृदाजन्य रोगों को कम करती है और किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाती है।
Source: हरी खाद — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi