स्टीफन फ्लेमिंग

स्टीफन फ्लेमिंग न्यूज़ीलैंड क्रिकेट के इतिहास में सबसे सम्मानित कप्तानों में से एक हैं, जिन्होंने 111 टेस्ट मैचों में 7,000 से अधिक रन बनाकर देश के लिए सबसे ज़्यादा टेस्ट रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने 1994 में भारत के खिलाफ अपना पदार्पण किया और 1997 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला शतंक बनाया, लेकिन 2003 में श्रीलंका के खिलाफ खेला गया नाबाद 274 रन का स्कोर उनके करियर का सबसे बड़ा प्रदर्शन रहा। एक बल्लेबाज़ के रूप में उन्होंने मार्टिन क्रो का रिकॉर्ड तोड़ा और अपने 150वें टेस्ट में 202 रन की पारी भी खेली। कप्तानी करते हुए उन्होंने 1999 में इंग्लैंड पर श्रृंखला जीत और 2000 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती, साथ ही टीम को कई विश्व कप सेमीफाइनल में पहुँचाया। 2008 में इंग्लैंड के विरुद्ध श्रृंखला हार के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्याम लिया, लेकिन 2009 से चैन्नी सुपर किंग्स के कोच बनकर एम.एस. धोनी के साथ मिलकर 2010 और 2011 में IPL खिताब जीतने में सफल रहे। अपनी रणनीतिक सूझ-बूझ और शांत नेतृत्व के दम पर फ्लेमिंग ने न्यूज़ीलैंड जैसी छोटी टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलताएँ दिलाई।