2025 पंजाब, भारत में बाढ़

पंजाब में अगस्त 2025 की विनाशकारी बाढ़: एक संक्षिप्त विवरण

अगस्त 2025 में, पंजाब के 23 से अधिक जिलों के 1,400 से ज्यादा गांव भारी मानसूनी बारिश और हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों से आए पानी के कारण आई बाढ़ से जलमग्न हो गए—इसे 1988 के बाद सबसे भयावह बाढ़ माना गया। पोंग, रंजीत सागर और भाखड़ा बांधों से छोड़े गए अतिरिक्त पानी ने रावी, ब्यास और सतलुज नदियों के किनारे स्थित गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर, पठानकोट, कपूरथला और फाजिल्का जैसे जिलों में तबाही को और बढ़ा दिया। इस आपदा में 3.71 लाख एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई, लगभग 3.5 लाख निवासी प्रभावित हुए और 29 से अधिक लोगों की जान गई, साथ ही भारत-पाक सीमा की लगभग 30 किमी बाड़ भी क्षतिग्रस्त होई और करतारपुर कॉरिडोर के पास बीएसएफ पोस्ट डूब गई। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और बीएसएफ ने व्यापक बचाव अभियान चलाया, जिसमें लगभग 11,330 लोगों को हेलीकॉप्टर, नावों और जल-थल वाहनों से सुरक्षित निकाला गया और खालसा एड, ग्लोबल सिख जैसे संगठनों ने राहत आपूति में सक्रिय भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ने हवाई सर्वेक्षण किया तथा पूर्ण मुआवजे का आश्वासन दिया, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों और कॉलेजों की सीट 7 सितंबर तक बढ़ा दी गई। यह बाढ़ केवल पंजाब तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और यहाँ तक कि पाकिस्तान के पंजाब राज्य को भी प्रभावित किया।