शीतकालीन ओलंपिक में आइस हॉकी

यहाँ ओलंपिक आइस हॉकी के इतिहास का एक व्यापक सारांश दिया गया है:

  • आइस हॉकी पहली बार 1920 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में शामिल की गई थी, 1924 में इसे स्थायी रूप से शीतकालीन ओलंपिक कार्यक्रम में स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि महिला टूर्नामेंट की शुरुआत 1998 के नागानो शीतकालीन ओलंपिक में हुई।
  • शुरुआत में ओलंपिक केवल शौकिया एथलीटों के लिए थे, परंतु पूर्वी ब्लॉक (विशेषकर सोवियत संघ) के राज्य-प्रायोजित "पूर्णकालिक शौकिया" खिलाड़ियों ने इस नीति को चुनौती दी; अंततः 1986 में आईओसी ने पेशेवरों को अनुमति दी और 1998 से एनएचएल (NHL) खिलाड़ी भी टूर्नामेंट में भाग लेने लगे।
  • पुरुषों के वर्ग में कनाडा ने शुरुआती तीन दशकों में सात स्वर्ण पदक जीतकर दबदबा बनाया, लेकिन 1956 के बाद सोवियत संघ ने बाजी पलट दी और नौ टूर्नामेंटों में से सात खिताब अपने नाम किए। इसके अलावा, 1980 में अमेरिका का "चमत्कारिक बर्फ" विजय (मिरेकल ऑन आइस) ऐतिहासिक था, जब उन्होंने सोवियत संघ को हराया; ग्रेट ब्रिटेन, स्वीडन और चेक गणराज्य ने भी अलग-अलग समय पर स्वर्ण जीता।
  • महिला टूर्नामेंट में कनाडा और अमेरिका का पूर्ण वर्चस्व रहा है—अमेरिका ने 1998 का पहला स्वर्ण जीता, जबकि कनाडा ने 2002, 2006, 2010 और 2014 में लगातार चार खिताब अपने नाम किए।
  • प्रारंभिक दौर में टूर्नामेंट राउंड-रॉबिन था, परंतु बाद में एनएचएल खिलाड़ियों के शामिल होने के साथ इसका प्रारूप बदल गया; खेल IIHF के नियमों और विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) के नियमों का पालन करता है, और प्रतियोगिता में 1972 के बाद से कई खिलाड़ी ड्रग्स टेस्ट में असफल भी हुए हैं।