सुअर इन्फ्लूएंजा

सुअर इन्फ्लूएंजा (स्वाइन फ्लू) एक संक्रामक बीमारी है जो मुख्यतः इन्फ्लूएंजा A (H1N1, H3N2, आदि) और इन्फ्लूएंजा C वायरस से होती है, और यह दुनिया भर के सूअरों की आबादी में बहुत आम है। यह रोग सामान्य रूप से सूअरों से इंसानों में नहीं फैलता, लेकिन 2009 में एक नया H1N1 उपभेद (A/H1N1) सामने आया जो मानव-से-मानव संचारित होकर विश्वव्यापी महामारी बन गया, जिसे मीडिया ने "स्वाइन फ्लू" नाम दिया। इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे—बुखार, खांसी, गले में खराश और मांसपेशियों में दर्द—होते हैं; सूअरों के निकट संपर्क में काम करने वालों को ज़्यादा खतरा रहता है, जबकि अच्छी तरह पकाया गया मांस खाना बिल्कुल सुरक्षित है। 1998 में अमेरिका में पाया गया H3N2 उपभेद मानव, सूअर और पक्षियों के जीनों का मिश्रण था, जो दर्शाता है कि ये वायरस प्रजातियों की सीमाएँ पार करके नए खतरनाक रूप ले सकते हैं। वहीं, इन्फ्लूएंजा C केवल सूअरों और इंसानों को संक्रामित करता है और कम आनुवंशिक विविधता के कारण महामारी नहीं बनाता, जबकि इन्फ्लूएंजा A निरंतर बदलाव से अधिक चुनौतीपूर्ण है। सूअरों में इस वायरस की निगरानी के लिए अमेरिका में कोई आधिकारिक प्रणाली नहीं है, फिर भी एक अनौपचारिक राष्ट्रीय नेटवर्क इसके नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।