कोरियाई युद्ध

कोरियाई युद्ध (1950-53) की शुरुआत 25 जून, 1950 को उत्तरी कोरिया के दक्षिणी कोरिया पर आक्रमण से हुई, जिसे शीत युद्ध का पहला और सबसे बड़ा संघर्ष माना जाता है। इस युद्ध में उत्तर कोरिया को सोवियत संघ और चीन का समर्थन था, जबकि दक्षिण कोरिया की रक्षा अमेरिका के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र सेना कर रही थी, जिसकी कमान जनरल डगलस मैकार्थर ने संभाली थी। दोनों देशों का विभाजन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 38वें अक्षांश पर हुआ था, और 1948 में अलग-अलग सरकारें बनने के बाद उत्तर ने किम इल-सुंग और दक्षिण ने सिंगमन री के नेतृत्व में पूरे प्रायद्वीप पर दावा किया, जिससे यह संघर्ष शुरू हुआ। अंततः 1953 में युद्धविराम के बाद भी दोनों देश आधिकारिक रूप से आज तक युद्धरत हैं, और इसे संयुक्त राष्ट्र की "सामूहिक सुरक्षा" का महत्वपूर्ण परीक्षण भी कहा जाता है। इस युद्ध में भारत का योगदान भी महत्वपूर्ण था, जिसमें लेफ्टिनेंट कर्नल ए.जी. रंगराज के नेतृत्व में 60वीं पैराशूट फील्ड एंबुलेंस ने मोबाइल आर्मी सर्जिकल हॉस्पिटल (MASH) संचालित किया था। 2020 में इस युद्ध के 70 वर्ष पूरे होने पर दक्षिण कोरिया ने उन्हें मरणोपरांत अपना सर्वोच्च युद्ध सम्मान 'वॉर हीरो' प्रदान करने का निर्णय लिया, जो भारत-कोरिया संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम था।