शिक्षक
शिक्षक का महत्व और भारत में शिक्षक बनने की योग्यता
शिक्षक वह व्यक्ति है जो व्यक्ति के भविष्य को आकार देता है और समाज को बुराई से बचाकर सर्वश्रेष्ठ नागरिक बनाने का प्रयास करता है। प्राचीन भारतीय मान्यता में शिक्षक को भगवान से भी ऊँचा स्थान दिया गया है, जैसा कि श्लोक "गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः..." और कबीर के दोहे "गुरु गोविंद दोऊ खड़े..." में स्पष्ट है। पाणिनि ने चार प्रकार के शिक्षकों का उल्लेख किया—आचार्य, प्रवक्ता, श्रोत्रिय और अध्यापक, जिनमें आचार्य का स्थान सर्वोच्च था। भारत में सरकारी शिक्षक बनने के लिए B.Ed, D.L.Ed, B.T.C, M.Ed, PGDE जैसे कोर्स अनिवार्य हैं, साथ ही नेट और सीटीईटी (CTET) जैसे पात्रता परीक्षाओं को भी उत्तीर्ण करना आवश्यक है। शिक्षा का यह क्षेत्र समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए शिक्षकों को सम्मानित दृष्टि से देखा जाता है। गुरुकुल प्रणाली से लेकर आधुनिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों तक, शिक्षण की परंपरा भारत में सदैव विकसित होती रही है।
Source: शिक्षक — Wikipedia · Summary by RollWiki AI · Language: Hindi
Hello from Cyprus ♥️