भारतीय मानक समय

भारतीय मानक समय (IST) भारत का आधिकारिक समय मंडल है, जो UTC+5:30 पर आधारित है। 1947 में स्वतंत्रता के बाद इसे पूरे देश के लिए अपनाया गया, हालाँकि कोलकाता और मुंबई ने 1955 तक अपने स्थानीय समय का उपयोग जारी रखा। यह समय उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से निर्धारित होता है, जो भौगोलिक रूप से UTC+5:30 के सबसे निकट है। देश की पूर्व-पश्चिम दूरी (~2933 किमी) के कारण सूर्योदय-सूर्यास्त में दो घंटे का अंतर होता है, जिससे पूर्वोत्तर राज्यों में ऊर्जा की बर्बादी होती है; इसके समाधान हेतु कई बार दो या तीन समय मंडलों का सुझाव दिया गया, परंतु 2004 में तत्कालीन विज्ञान मंत्री कपिल सिब्बल ने इसे अस्वीकार कर दिया। 2014 में असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने पूर्वोत्तर के लिए अलग समय मंडल की माँग की, जिसे केंद्र सरकार ने मंज़ूरी नहीं दी। दिलचस्प बात यह है कि 1962, 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान अस्थायी रूप से डेलाइट सेविंग टाइम लागू किया गया था, और वर्तमान में समय संकेत नई दिल्ली की राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला की परमाणु घड़ियों से प्रसारित होते हैं।