भारत में मेट्रो रेल प्रणाली

भारत में वर्तमान में 15 शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित हैं, जिनमें दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क सबसे बड़ा है, और 2023 तक यह कुल 859 किलोमीटर लंबा है, जो चीन, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बाद दुनिया का चौथा सबसे लंबा मेट्रो नेटवर्क बनाता है। भारत की पहली मेट्रो 1984 में शुरू हुई कोलकाता मेट्रो थी, जो भारतीय रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आती है, जबकि बाकी शहरी मेट्रो सिस्टम स्थानीय निकायों द्वारा संचालित होते हैं। सरकार ने 2015 में 50 शहरों में मेट्रो बनाने की योजना को मंजूरी दी थी, लेकिन उच्च लागत को देखते हुए 2017 में मेट्रो को 'अंतिम विकल्प' मानने और निजी भागीदारी अनिवार्य करने की नीति अपनाई। इसके अलावा, मुंबई मोनोरेल (2014) देश की पहली मोनोरेल है, और कई छोटे शहरों में सस्ती 'मेट्रो लाइट' (लाइट रेल) परियोजनाओं पर काम चल रहा है। ट्राम के क्षेत्र में कोलकाता ही एकमात्र शहर है जहां आज भी यह पारंपरिक सेवा चालू है। वर्तमान में 568 किलोमीटर से अधिक मेट्रो लाइनें निर्माणाधीन हैं, जो भविष्य में शहरी परिवहन को और मजबूती प्रदान करेंगी।