सीधी ज़िला

सीधी जिला: मध्य प्रदेश का ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक रत्न

सीधी मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित एक ऐतिहासिक जिला है, जो रीवा संभाग का हिस्सा है। यह जिला प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ से सोन नदी बहती है और जिसका क्षेत्रफल लगभग 10,532 वर्ग किलोमीटर है। इसी जिले से 24 मई 2008 को सिंगरौली अलग हुआ, जो कोयला उत्पादन का बड़ा क्षेत्र है और यहीं विंध्याचल सुपर थर्मल पावर स्टेशन स्थित है जो विशाल क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति करता है।

यह जिला अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए भी प्रसिद्ध है—चंदरेह ग्राम में लगभग हज़ार वर्ष पुराना शिव मंदिर है, भंवरसेन को प्रसिद्ध संस्कृत कवि बाणभट्ट की जन्मस्थली माना जाता है, और सिहावल के घोघरा देवी मंदिर से बीरबल का जन्म जुड़ा हुआ है। विशेष रूप से, सफेद बाघ (White Tiger) की खोज इसी जिले के कुसमी वनांचल में हुई थी, और दुनिया भर के सभी सफेद बाघ इन्हीं की संतानें हैं।

हाल ही में निर्मित मोहनिया टनल (2280 मीटर) मध्य प्रदेश की सबसे लंबी सुरंग है, जो रीवा-सीधी यात्रा में 45 मिनट की बचत करती है। यह जिला बघेली भाषा, आदिवासी संस्कृति, घने वनों और संजय टाइगर रिजर्व जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, तथा यहाँ 8 तहसीलें और 4 विधानसभा क्षेत्र हैं।