दूध

दूध एक अपारदर्शी श्वेत द्रव है जो स्तनधारी मादाओं की स्तन ग्रंथियों द्वारा निर्मित होता है, इसमें लगभग 85 प्रतिशत जल और शेष भाग में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन (ए, बी-2, डी, के) तथा अन्य खनिज शामिल हैं। गाय के दूध को आयुर्वेद में सबसे पतला व पचने में हल्का बताया गया है, जबकि भैंस का दूध पोषण में श्रेष्ठ है क्योंकि इसमें गाय की तुलना में 92% अधिक कैल्शियम और कम कोलेस्ट्रॉल होता है, जो मांसपेशियों के निर्माण और हड्डियों की मजबूती के लिए उत्तम माना जाता है। आजकल अमूल, मदर डेयरी जैसी कंपनियों के पैक्ड दूध में अतिरिक्त विटामिन ए, लौह और कैल्शियम मिलाकर इसे फोर्टिफाई किया जाता है, जो फुल क्रीम, टोंड और डबल टोंड जैसे कई रूपों में उपलब्ध है। दिलचस्प तथ्य यह है कि गदेह (गधी) के दूध में सबसे अधिक जल (91.5%) होता है, और 12वें पंचवर्षीय योजनांग (2010-2017) के दौरान भारत की दूध पूर्ति (26.95 लाख मीट्रिक टन) मांग (33.69 लाख मीट्रिक टन) से काफी कम रही, जिससे पशु प्रबंधन में सुधार की आवश्यता स्पष्ट होती है। चूँकि दूध आसानी से खराब होने वाला सम्पूर्ण आहार है, इसलिए इसके मूल्यवर्धन (दही, पनीर, घी आदि बनाकर) से इसे लंबे समय तक संग्रहित किया जा सकता है और अधिक आमदनी अर्जित की जा सकती है।