2024 में चटगांव में हिंसा

5 नवंबर 2024 को बांग्लादेश के चटगांव स्थित हजारी लेन में एक मुस्लिम व्यवसायी उस्मान अली ने फेसबुक पर इस्कॉन को "आतंकी संगठन" बताते हुए आपत्तिजनक पोस्ट की, जिससे स्थानीय हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया। विरोध प्रदर्शन हिंसा में बदल गया, जिसके बाद पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने दुकानदार को बचाने के लिए कार्रवाई की, लेकिन इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा एसिड और ईंटें फेंके जाने से 12 सैन्यकर्मी और पुलिसकर्मी घायल हो गए। संयुक्त बल ने जवाबी कार्रवाई में लाठीचार्ज किया और 600 हिंदुओं के खिलाफ मामला दर्ज कर 80 लोगों को गिरफ्तार किया, साथ ही हिंदू स्वर्णकारों की दुकानों के सीसीटीवी कैमरे नष्ट कर दिए। इस्कॉन बांग्लादेश के महासचिव चारुचंद्र दास ब्रह्मचारी ने सीसीटीवी नष्ट करने पर सवाल उठाते हुए कानून के शासन की मांग की। 8 नवंबर को इस्लामी संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम ने इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने और उसके सदस्यों को "मारने" तक का नारा लगाया, जिससे भारत सरकार ने भी चिंता व्यक्त की। यह घटना बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा और धार्मिक सहिष्णुता पर गंभीर सवाल खड़ा करती है।