सौर ऊर्जा

सौर ऊर्जा सूर्य से प्राप्त प्रकाश और ऊष्मा है, जो एक अक्षय, प्रदूषण-मुक्त स्रोत होने के कारण भविष्य की ऊर्जा जरूरतों का समाधान है। भारत में यह ऊर्जा अत्यधिक मात्रा में उपलब्ध है, जहाँ प्रति वर्ग मीटर पर विश्व की कुल बिजली खपत से कई गुना अधिक सौर ऊर्जा आती है, और वर्ष में लगभग 250-300 दिन साफ धूप मिलती है। इसका उपयोग जल उष्मन, खाना पकाने, अनाज सुखाने और विद्युत उत्पादन में होता है; भारत में 4.5 लाख वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र के सौर जल-उष्मक स्थापित हैं जो प्रतिदिन 220 लाख लीटर जल गर्म करते हैं, जिससे बिजली की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। सौर-पाचक (सोलर कुकर) भी विकसित किए गए हैं, जिनसे पारंपरिक ईंधन की बचत होती है, और अब तक लगभग 4,60,000 सौर-पाचक बेचे जा चुके हैं। भारत सरकार का अपारम्परिक ऊर्जा स्रोत मंत्रालय इस तकनीक को प्रोत्साहित कर रहा है, जिससे यह परिपक्व होकर घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपयोग के लिए आर्थिक रूप से लाभदायक साबित हो रही है।